Jaaduee Jangal-जादुई जंगल

Jaaduee Jangal
Jaaduee Jangal-जादुई जंगल

गोमती नदी के बगल में एक छोटा सा राज्य था जिसका नाम था जमदग्नि। वहाँ के राजा बहुत दयालु और परोपकारी था। राजा को सिर्फ एक बेटी थी जिसका नाम नेहा था। राजकुमारी बहुत सुंदर थी।  राजकुमारी खेलने के लिए बाहर जाती और नदी के किनारे अपने दोस्तों के साथ घूमती थी। एक दिन लुका-छिपी खेलते हुए वह नदी के दूसरी तरफ चली गई। वह वहाँ पर पेड़ों, फलों और फूलों को देखकर चकित रह गयी। उसने सोचा कि .. यह जगह बहुत खूबसूरत है, लेकिन मैं पहले कभी यहाँ नहीं आयी। वह उस स्थान की सुंदरता से इतना मंत्रमुग्ध हो गया थी कि वह बहुत दूर चली गयी।

जंगल मे घूमते-घूमते नेहा थक चुकी थी।  उसे प्यास और भूख लगी थी। उसे अचानक बहुत सारे फल दिखाई देता है, इतने सारे फल? मैं पहले इनमे से थोड़े फलो को खाऊंगा और फिर अपने दोस्तों के लिए ले चलूंगी। उसने जल्दी से कुछ फलो को तोड़ कर खाई और कुछ फल अपने दोस्तों के लिए अलग रख दिए। वह पेड़ के नीचे बैठ गई और फल खाने लगी, और मन ही मन कहने लगी वाह! ये फल बहुत मीठे हैं। जैसे ही उसने फल खाए वह उसको नीद आ गयी और वह पेड़ के नीचे ही सो गयी। जब वह सो कर उठी तो उसने पाया कि वह आकार में बहुत छोटी हो गयी है। वह इतनी छोटी थी कि उसके आसपास के फल और फूल  बहुत विशाल दिखाई दे रहे थे। ये कैसे हुआ? मैं कैसे सो गयी? मैं आकार में इतनी छोटी कैसे हो गयी ? यह सब सोचकर वह रो पड़ी।

नेहा के दोस्त उसे खोजते-खोजते थक गए थे। उन्होंने महल में जाकर राजा और रानी के साथ सब कुछ साझा किया। उन्होंने बताया कि नेहा लुका-छिपी खेलते हुए बहुत दूर चली गई।  हमने उसे हर जगह खोजा लेकिन हमें नेहा, कही नहीं मिली महामहिम। राजा और रानी परेशान थे।  रानी रोने लगी। मेरी बेटी कहां है? फिर राजा ने सैनिकों को आदेश दिया कि जाओ और नदी के आस-पास के सभी स्थानों को खोजो .. और राजकुमारी को वापस लाओ। जाओ। जब वे जंगल में नेहा को ढूढ़ने गए तो नेहा ने सैनिकों को देख और आवाज लगाई लेकिन नेहा की आवाज उन सैनिकों तक नही पहुंची। वह इतनी छोटी थी कि सैनिक उसे देख नहीं सकते थे।

राजकुमारी नेहा, तुम कहाँ हो?  राजकुमारी नेहा!  बात सुनो!  इधर देखो। सनिक नेहा को ढूढ़ते हु जंगल से वापस महल में चले गए। नेहा सोचती है कि मुझे अब क्या करना चाहिए। वह एक पेड़ के नीचे बैठ गई और सोचने लगी। तभी उसे पेड़ के पास में एक छिद्र नजर आया। यह उसके लिए एक विशाल गुफा जैसा था। वह सोचने लगी कि मैं अंदर जाकर जाँच क्यों नहीं करती? सायद मुझे कोई मदद मिल सकती है। लेकिन अंदर खतरा हो सकता है। अगर मेरे अंदर में कोई जानवर है तो मैं मर सकती हूं। लेकिन, मुझे अंदर की तरफ जाना चाहिये और जांच करनी चाहिए। उसके अंदर की तरफ जाते ही उसे कुछ आवाजें सुनाई दीं।

जब वो अंदर गई तो उसने देखा छोटे आकार के लोग जो उसके अंदर बैठे थे। तुम कौन हो? वो लोग बोले-हम बगल के गाँव में रहते हैं। लेकिन तुम कौन हो? राजकुमारी ने कहा-मैं राजकुमारी नेहा हूँ हमने जंगल में अपना रास्ता खो दिया है। वो सब लोग बोले कि जंगल की जादूगरनी ने हमें उसका निशाना बनाया है। हम पिछले कुछ दिनों से यहां छिपे हुए हैं ताकि कोई हमें मार न दे। तब राजकुमारी कहती है कि हम इसे चुपचाप बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमें कुछ करना चाहिए। हम आकार में इतने छोटे हो गए हैं। सभी लोग बोले कि हम अब क्या कर सकते हैं? हम दौड़ते-दौड़ते थक जाएंगे और फिर भी हम बच नहीं पाएंगे। फिर राजकुमारी कहती है कि जादूगरनी को हराने का कोई तरीका होना चाहिए।

तभी एक आदमी बोलता है -हां, एक तरीका है लेकिन यह न केवल मुश्किल है बल्कि असंभव भी है। जादूगरनी के बगीचे में एक टूटा हुआ आईना है। यदि हम उसके आईने जोड़ सकते हैं और जादूगरनी उसमें अपना चेहरे को देखती है, तो उस जादूगरनी की शक्ति खत्म हो जाती और जादूगरनी भी मर जाती हम अपने मूल रूप में वापस आ जाते। राजकुमारी कहती है-ठीक है, हम सभी ऐसा करने की कोशिश करेंगे। आदमी कहता है कि उसके घर पहुँचने में हमें कई दिन लगेंगे। राजकुमारी कहती है-नहीं।

हम इस जंगल के पक्षियों की मदद ले सकते हैं। हां, एक तोता यहां रोज आता है। हम उसकी मदद ले सकते हैं। जब अगले दिन तोता वहाँ आया तो उन्होंने उसे उनकी मदद करने के लिए कहा। तोता उनकी मदद के लिए तैयार था। नेहा और दूसरे पीड़ित लोग तोते की पीठ पर बैठ गए और जादूगरनी के घर पहुँचे। पहले उन्हें टूटे हुए दर्पण का पता लगाया। वे दर्पण की मरम्मत करने में कामयाब रहे, लेकिन एक कोना गायब था। राजकुमारी बोलती है कि उस हिस्से को ध्यान से देखें। उसे अचानक बगीचे में एक फूल के नीच दर्पण का हिस्सा दिखाई दिया। सब लोग आईना उठा कर जादूगरनी के घर में ले जाते है। जैसे ही वे उसके घर में दाखिल हुए, जादूगरनी ने नेहा को देखा तुम मेरे जादू के शिकार हो।

तुम्हारी यहाँ आने की हिम्मत कैसे हुई? मैं तुम्हें अभी एक जानवर में बदल दूँगी। नेहा के दोस्त सब छुप कर देख रहे थे। नेहा कहती है-आपका जादू बेकार है।  मेरे पास इस दुनिया की सबसे शक्तिशाली जादूगरनी की फोटो है। आप उसके जादू के आगे टिक नहीं सकती। जादूगरनी कहती है कि आज तक मुझे कोई नहीं हरा सका। राजकुमारी ने कहा कि वह अपनी फोटो से भी आपको निशाना बना सकती है। यहाँ उसकी फोटो है। जादूगरनी ने जैसे ही दर्पण को हाथ में लेकर जैसे ही चित्र को देखा तो वह हैरान रह गई। उसने दर्पण में अपना चेहरे को देखा जैसे ही उसने चेहरे को देख हर व्यक्ति पहले की तरह अपने रूप में वापस आ गया और जादूगरनी भी मर गई।  तोता अपने मूल रूप में वापस आ गया।

वह एक राजकुमार था। पीड़ित लोग बोले-राजकुमारी बहुत बहुत धन्यवाद, हम सारी उम्मीदें खो चुके थे। आप बहुत बहादुर हो, आपकी वजह से हम जादूगरनी के जादू से बाहर आने में सफल हुए हैं। राजकुमारी नेहा ने राजकुमार को अपने महल में लेकर गयी। राजा और रानी नेहा को वापस देखकर बहुत खुश थे।